अयोध्या में योगी : बोले-पर्यटन के साथ मेडिकल-मेडिटेशन का हब बनेगा, वैश्विक मानचित्र पर चमकेगी अयोध्या

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को राजर्षि दशरथ राजकीय मेडिकल कॉलेज व अस्पताल का निरीक्षण कर अयोध्या के वैश्विक विकास की प्राथमिकताएं दोहराईं। कहा कि, अयोध्या वैश्विक मानचित्र पर नया स्वरूप स्थापित करेगा। यहां केंद्र सरकार की मदद से विश्वस्तरीय पर्यटन की आधुनिक सुविधाएं विकसित होने के साथ ही मेडिकल-मेडिटेशन का हब भी बनेगा।

कोरोना में आई मेडिकल परेशानियों के लिए पूर्ववर्ती सरकारों को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि 69 सालों में सिर्फ 12 मेडिकल कॉलेज खुले थे, जबकि उनकी साढ़े चार साल की सरकार में 32 मेडिकल कॉलेज खुले हैं। यहीं नहीं, 14 और मेडिकल कॉलेज दिसंबर तक शुरू करने की तैयारी है, इसके बाद यूपी देश में सर्वाधिक मेडिकल कॉलेज वाला राज्य बन जाएगा।




मेडिकल कॉलेज के दर्शननगर स्थित अस्पताल परिसर में पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजनांतर्गत राजर्षि दशरथ राजकीय मेडिकल कॉलेज स्वीकृत हुआ था। यहां 2019-20 में 100 छात्रों के साथ कक्षाएं शुरू हुईं।  मेडिकल कॉलेज व हॉस्पिटल बनाने के लिए एक समय सीमा दी गई थी। इसी दौरान मार्च 2020 में कोरोना महामारी के कारण मेडिकल कॉलेज को कोविड हॉस्पिटल के रूप में उपयोग करना पड़ा। यहां आरटी पीसीआर जांच की व्यवस्था की गई। जहां प्रतिदिन तीन हजार टेस्ट करने की व्यवस्था है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सब जानते हैं कि मार्च 2020 में जब कोरोना आया था, तो प्रदेश में कोई भी लैब नहीं थी। सैंपल जांच करने के लिए एनआईबी व दूसरी जगह भेजना पड़ता था, लेकिन आज हमारे पास तीन लाख से अधिक जांच करने की क्षमता अकेले उत्तर प्रदेश में हैं। पहला मरीज जब उत्तर प्रदेश में आया था, तो उसका सैंपल दिल्ली भेजना पड़ा था। मरीज को इलाज के लिए भी दिल्ली भेजना पड़ा था, लेकिन आज हमारे पास दो लाख बेड हैं। जहां पर हम कोरोना मरीज को इलाज दे सकते हैं। दावा किया कि तीसरी लहर की भी तैयारी हमारी लगभग पूरी हो चुकी है।




सीएम योगी ने कहा कि वर्ष 2019-20 में प्रदेश सरकार की कोशिश से प्रदेश में आठ नए मेडिकल कॉलेजों को शुरू करने की एमसीआई से अनुमति मिली थी। इस 2020-21 के सत्र में भी नौ नए मेडिकल कॉलेज का अप्रूवल लेने के लिए आवेदन किया है। अब एमसीआई को एनएमसी के रूप में मान्यता दी गई है। जल्द ही अप्रूवल मिलेगा,  उसी के निरीक्षण के लिए हम निकले हैं। प्रदेश सरकार भारत सरकार के साथ मिलकर मजबूती से कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने विरोधियों पर हमला बोलते हुए कहा कि आजादी के बाद से लेकर 2016 तक 69 वर्षों में प्रदेश में केवल 12 सरकारी मेडिकल कॉलेज थे। हम साढ़े चार वर्ष में उत्तर प्रदेश में 32 नए मेडिकल कॉलेज या तो बना चुके हैं या बना रहे हैं। जिनमें आठ में विगत वर्ष प्रवेश संपन्न हुए। अयोध्या का मेडिकल कॉलेज में इस समय दो बैच के 200 छात्र हैं। अक्तूबर में काउंसलिंग के बाद 100 बच्चे और आए। अब पीजी कराने की तैयारी भी हो रही है। मेडिकल कॉलेज अच्छी दिशा में आगे बढ़ रहा है। यहां दो सौ बेड एक और अस्पताल भी शीघ्र ही बनकर तैयार हो जाएगा। कार्यदायी संस्था को इसके बारे में पहले ही निर्देशित किया जा चुका है। नौ नए मेडिकल कॉलेज में हम लोगों ने इस सत्र में प्रवेश लेने के लिए आवेदन किया हैं, सभी औपचारिकताएं पूरी की गई हैं।




कहा कि इस सत्र में 14 नए मेडिकल कॉलेज भारत सरकार के सहयोग से प्रदेश में हम लोगों ने स्वीकृत किए हैं। इसके बाद 16 ऐसे जिले हैं, जहां एक भी मेडिकल कॉलेज नहीं हैं। न प्राइवेट हैं न गवर्नमेंट। वहां पर पीपीपी मोड पर मेडिकल कॉलेज बनाने के लिए तैयारी चल रही है। हमारा प्रयास है कि उन 16 जनपदों में भी दिसंबर के पहले एक-एक मेडिकल कॉलेज बनाने के लिए सहमति देकर कार्यक्रम आगे बढ़ा सकें। 14 मेडिकल कॉलेज जो हमारे बन रहे हैं, इसे लेकर किसी भी राज्य के पास सर्वाधिक मेडिकल कॉलेज वाला प्रदेश उत्तर प्रदेश बन जाएगा।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश जो सबसे पीछे माना जाता था, वह नंबर एक पर आ रहा है। अयोध्या का मेडिकल कॉलेज अच्छी सेवा दे रहा है। फैकल्टी यहां बनी है, यहां पर लाइब्रेरी, लैब, ब्लड बैंक आदि अच्छा कार्य कर रहा है। आने वाले समय में अयोध्यावासियों को यहां से बेहतर सेवा जनप्रतिनिधियों के भावनाओं के अनुरूप उपलब्ध हो सकेंगी। अयोध्या को वैश्विक मानचित्र पर स्थापित करने में प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में पर्यटन के साथ मेडिकल, मेडिटेशन का भी हब बनाना है। यहां विश्व की सभी आधुनिक सुविधाएं स्थापित होगी। सीएम ने जनप्रतिनिधियों की ओर से कोरोना काल में किए कार्यों की सराहना भी की गई।




इसके पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार दोपहर सिद्धार्थनगर से यहां प्रस्तावित मर्यादा पुरषोत्तम श्रीराम एयरपोर्ट की हवाई पट्टी पर हेलीकॉप्टर से उतरे और सीधे मेडिकल कॉलेज के शैक्षिक व प्रशासनिक भवन का निरीक्षण करने पहुंचे। जहां छात्र-छात्राओं से संवाद भी किया। बाद में पांच किमी दूर दर्शननगर स्थित मेडिकल कॉलेज के अस्पताल जाकर वार्डों में निरीक्षण के साथ 200 बेड के अर्धनिर्मित भवन को भी देखा। इसे जल्द पूरा कराए जाने का आश्वासन भी दिया। यहां से सीएम हनुमानगढ़ी और रामलला के दरबार में हाजिरी लगाने पहुंचे। वहां पूजन-अर्चन किया। मंदिर निर्माण की प्रगति देखी। इसके बाद सुग्रीव किला व मणिरामदास छावनी गए। वहां बीमार ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास का हाल चाल लिया। फिर चुनिंदा संतों के साथ बैठक कर वापस लखनऊ लौट गए। प्रेसवार्ता के दौरान सांसद लल्लू सिंह, विधायक वेद प्रकाश गुप्त, रामचंद्र यादव, इंद्रप्रताप तिवारी उर्फ खब्बू, गोरखनाथ बाबा, जिलाध्यक्ष संजीव सिंह समेत प्रशासनिक अधिकारी डटे रहे।

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