यूपी पंचायत चुनाव: अयोध्या में सपा को भाजपा के मुकाबले बंपर सफलता, 17 जिला पंचायत सीटें जीतीं

अयोध्या। पंचायत चुनाव की लगभग 42 घंटे तक चली मतगणना पूरी हो गई। जिला पंचायत की सभी 40 सीटों के परिणाम आ गए हालांकि लिखा पढ़ी पूरी करने के बाद इसकी घोषणा अभी जिला मुख्यालय पर की जा रही है।

मतगणना के बाद तस्वीर साफ हो गई है। जिला पंचायत सदस्य पद के लिए सपा समर्थित 17, भाजपा समर्थित आठ, बसपा समर्थित चार प्रत्याशियों के साथ 11 निर्दल प्रत्याशियों ने जीत दर्ज कराई है।




सपा 17, भाजपा आठ, बसपा चार व निर्दलीयों ने 11 सीटें जीती
मतगणना 2 मई की सुबह आठ बजे शुरू हुई थी। यह तीन मई की रात लगभग दो बजे के बाद तक चली। प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य और ग्राम पंचायत सदस्य के परिणामों की घोषणा ब्लॉक के आर के स्तर पर कर दी गई लेकिन जिला पंचायत सदस्य पद के लिए मतगणना तो पूरी हो गई लेकिन परिणामों की घोषणा जिला मुख्यालय पर आरओ व एडीएम गोरे लाल शुक्ल कर रहे हैं।
जैसे-जैसे अभिलेखों का मिलान हो रहा है। घोषणा उसी क्रम में की जा रही है। जिला पंचायत सदस्य का चुनाव परिणाम आने के साथ ही एक बात साफ हो गई है कि सदस्यों की संख्या का आंकड़ा किसी एक पक्ष में नहीं है जो अपने दम पर जिला पंचायत अध्यक्ष बना सके। दावे तो अलग-अलग हैं लेकिन हकीकत यही है कि जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी के लिए राजनीतिक दलों के दिग्गजों की निगाह लग गई है।




सभी राजनातिक दल के सदस्य से नेता तक अपनी भूमिका की तलाश में जुट गए हैं। सपा सबसे बड़े दल के रूप में उभर कर सामने आई है। पार्टी से समर्थित प्रत्याशियों में 17 ने जीत का परचम लहराया है। जबकि भाजपा दूसरे नंबर की पार्टी रह गई है। उसके आठ सदस्यों को ही विजय श्री मिल पाई है। बसपा के समर्थित जीते प्रत्याशियों की संख्या चार बताई गई है। 40 सदस्यों वाली जिले की सबसे बड़ी पंचायत में निर्दलियों ने अपनी जोरदार धमक दिखाई है। इनकी संख्या 11 बताई गई है।

अब आंकड़ों की अंकगणित को अपने पक्ष में करने के लिए सियासी हलचल शुरू हो गई है। खास बात यह भी है कि अयोध्या जिला पंचायत अध्यक्ष सामान्य है। ऐसे में इस कुर्सी पर नजर तो हर पार्टी की है लेकिन फिलहाल अहम रोल बसपा के साथ निर्दलियों का माना जा रहा है। सूत्रों की माने तो पार्टियां अपने समर्थित जीते सदस्यों को सबसे पहले सुरक्षित रखना चाहती है।




कुनबा सुरक्षित होने के बाद वह दूसरे दलों और निर्दलियों को अपने पक्ष में करने की जुगत ढूंढ कर अपनी रणनीति को अंजाम देने की फिराक में है। जिला पंचायत अध्यक्ष की रेस में शामिल लोग लखनऊ दरबार तक अपनेे रसूख का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। जिपं के आरओ व एडीएम वित्त एवं राजस्व गोरे लाल शुक्ल कार्यालय के मुताबिक अब तक 23 जिला पंचायत सदस्य पद के जीते प्रत्याशियों की घोषणा की जा चुकी है।

ALSO READ :   पंचायत चुनावः वाराणसी-गोरखपुर में आम आदमी पार्टी की दस्तक, ओवैसी का भी बढ़ा ग्राफ