UP चुनाव से पहले राकेश टिकैत का ऐलान- लखनऊ को दिल्ली बना घेरेंगे, संसद तक जाएगा ट्रैक्टर

केंद्र सरकार के कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसान नेता राकेश टिकैत ने सोमवार को दो टूक कहा कि देश की हर राजधानी को दिल्ली बनाएंगे.कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के ट्रैक्टर पर सवार होकर संसद जाने के सवाल पर टिकैत ने जवाब दिया कि अब संसद तक ट्रैक्टर जाएगा. यह ट्रैक्टर नहीं है, बल्कि टैंक है.

‘आजतक’ से एक्सक्लूसिव बात करते हुए भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने एक बार फिर दोहराया कि जब तक कृषि कानूनों को वापस नहीं लिया जाता है, तब तक आंदोलन चलता रहेगा. सरकार के साथ हुईं बैठकों पर उन्होंने बताया कि कई मीटिंग्स हुईं, जिनमें कुछ मुद्दों पर हम मान भी गए, लेकिन सरकार नहीं मानी.




लखनऊ समेत हर राजधानी को बनाएंगे दिल्ली

यूपी की राजधानी लखनऊ पहुंचे राकेश टिकैत ने कहा कि हम आखिर लखनऊ क्यों नहीं आ सकते हैं. लखनऊ को दिल्ली बनाएंगे और इसे भी घेरेंगे. उन्होंने कहा, ”ट्रेनों को रोककर रखा गया है, नहीं तो यहां भी आज भीड़ होती. किसान हैं और वे कुछ भी कर सकते हैं. देश की हर राजधानी को दिल्ली बनाएंगे.” बीजेपी पर हमला बोलते हुए किसान नेता टिकैत ने कहा कि बीजेपी भी तीन तरह की है. एक बीजेपी मकान के अंदर कैद है. एक छीनी हुई है तो तीसरी दूसरे लोगों को भर्ती करने वाली है. इनके नेता खुद नहीं कुछ बोल सकते हैं.




‘हमारी लड़ाई बीजेपी से नहीं, मोदी सरकार से’

पिछले आठ महीनों से दिल्ली के बॉर्डर पर कई किसानों के साथ कृषि कानूनों की वापसी की मांग कर रहे टिकैत ने कहा कि किसानों की लड़ाई बीजेपी से नहीं है. उन्होंने कहा, ”हमारी लड़ाई बीजेपी से नहीं, बल्कि मोदी सरकार से है. बीजेपी के बड़े नेताओं को हाउस अरेस्ट कर दिया गया है. वहीं, किसान आंदोलन में लगे एसी के सवाल पर टिकैत ने कहा कि आखिर किसके घर पर एसी नहीं लगी है. हमने वहां पर प्रेस क्लब बना रखा है और वहीं पर एसी लगा था, जहां आराम करने के लिए लेट गए. उसी फोटो को बाद में सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया.




‘यूपी में क्यों नहीं मिल रही फ्री बिजली?’

लखनऊ आने के सवाल पर राकेश टिकैत ने कहा कि पूरे प्रदेश में बैठके होंगी. ये लोग देखते रह जाएंगे. हर जगह किसानों को बिजली फ्री दी जा रही है, तो फिर यूपी में क्यों नहीं मिल रही? उन्होंने पूछा कि आखिर हम चुनाव में क्यों नहीं जा सकते? अब ये चुनावी भाषा में समझेंगे तो वैसी ही दवाई दी जाएगी. बिना चुनाव लड़े दवाई देंगे. बंगाल में दवाई दी, उससे इन्हें आराम मिला. किसान रहकर ही जंग लड़ेंगे. उन्होंने आगे कहा कि आंदोलन ठीक रहेगा तो सरकारें ठीक रहेंगी, आंदोलन हल्का पड़ा तो फिर सही नहीं होगा. उन्होंने यह भी कहा कि जब दबाव पड़ा था तो अखिलेश यादव, मायावती ने गन्ने को दामों में बढ़ोतरी की थी, लेकिन योगी आदित्यनाथ ने ऐसा नहीं किया. उन्होंने आरोप लगाया कि योगी आदित्यनाथ को अधिकारी बहकाते हैं.




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