योगीराज में पुलिस मेस में मिल रहा है घटिया खाना, सिपाही ने रो-रो कर सुनाई जनता से अपनी व्यथा

आपको याद होगा तीन साल पहले सेवा शर्तों का पालन न होने को लेकर बीएसएफ के वरिष्ठ अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाकर पूर्व जवान तेज बहादुर ने पीएम मोदी के खिलाफ चुनाव के लड़ने के लिए वाराणसी संसदीय क्षेत्र से पर्चा भरा था। अब योगी राज ( Yogi Raj ) में यूपी पुलिस ( Uttar pradesh ) का एक जवान मेस ( Firozabad Mess ) में खराब खाने की शिकायत को लेकर सड़कों पर उतर आया है। उसने फफककर रोते हुए अपनी आपबीती सुनाई। यूपी पुलिस ( UP Police Constable ) के जवान का आरोप है कि मेस में 12 घंटे की ड्यूटी के बाद कुत्ते के खाने से भी खराब खाना मिलता है। मैं, सुबह से भूख हूं,। 12 घंटे ड्यूटी करने के बाद सही खाना नहीं मिलता।




यूपी पुलिस में बवाल
मेस में मिल रहे खाने की गुणवत्ता इतनी खराब है कि सिपाही मनोज कुमार ( Constable manoj Kumar ) बुधवार को रोटी, दाल और चावल के साथ ही सड़क पर आ गया। उसने रोते हुए सभी को बताया कि देखो मुझे 12 धंटे की ड्यूटी के बाद भी कितना खराब खाना मिलता है। अब इसको लेकर यूपी पुलिस में बवाल मचा है लेकिन अहम सवाल यह है कि इस मामले में मेस के खाने की क्वालिटी ( Ferozabad mess meals quality ) में सुधार होगा या फिर सिपाही के खिलाफ ही कार्रवाई होगी। ऐसा इसलिए कि पुलिस या सेना के खिलाफ सही शिकायत करने वाले जवान की गति क्या होती है, इस बात की जानकारी बीएसएफ जवान तेज बहादुर मामले से सबको पता है।


पानी जैसी दाल, अधिकारी सुनने को नहीं तैयार

दरअसल, यूपी के फिरोजाबाद ( Ferozabad ) में पुलिस लाइन स्थित मेस में खाना अच्छा न बनने की शिकायत को लेकर एक सिपाही वर्दी में ही सड़क पर आ गया। अपने हाथों में खाने की प्लेट में रोटी दाल चावल लेकर सिपाही ने खाने की गुणवत्ता बताई। उसने कहा, पानी जैसी दाल मिलती है, कोई अधिकारी सुनने को तैयार नहीं हैं। यह हाल उस समय है जब पुलिस अधीक्षक द्वारा पुलिस लाइन के मेस, बैरक, स्टोर समेत कई चीजों का साप्ताहिक निरीक्षण किया जाता है। बावजूद इसके खाने पर बवाल अपने आप में बड़ा सवाल है।




सामने आया पुलिस के मेस में घोटाले का राज
फिरोजाबाद के एक सिपाही के इस विद्रोह के बाद साफ है कि योगी सरकार चाहे लाख दावे करे कि पुलिस विभाग के सिपाहियों को मेस में अच्छी क्वालिटी का खाना नहीं मिल रहा है। फिरोजाबाद मेस का ये वीडियो कई सवाल खड़े कर रहा है। फिरोजाबाद पुलिस लाइन में एक सिपाही मनोज कुमार ने इन सभी दावों को खुद खोखला बताया है, जो अपने आप में बड़े सवाल खड़े करता है। सवाल यह है कि क्या मेस के फंड का दुरुपयोग हो रहा है।




सीनियर अधिकारियों से उपेक्षा से ज्यादा परेशान दिखा मनोज
ऐसा नहीं है कि मनोज सीधे सड़क पर आ गया। इससे पहले भी कई बार मेस में अच्छा खाना न मिलने की शिकायत अपने सीनियर अधिकारियों के पास पहुंचा चुका है। जहां उसकी कोई सुनवाई नहीं हुई। मजबूर होकर सड़क पर आना पड़ा है। जब इस मामले की भनक पुलिस के आला अधिकारियों को लगी तो पुलिस की जीप मौके पर पहुंच गई। उन्होंने आरक्षी मनोज को जबरन जीप में बिठाया और पुलिस लाइन ले आई। फिलहाल, पुलिस के आलाधिकारी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं।

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