Breaking अयोध्या में मंदिर में रखी योगी की मूर्ति गायब:मंदिर बनवाने वाला शख्स भी लापता, ग्रामीण बोले- 4-5 लोग मूर्ति उठाकर ले गए

अयोध्या में सीएम योगी आदित्यनाथ के मंदिर से उनकी मूर्ति गायब होने की बात सामने आई है। मंदिर बनवाने वाला शख्स भी रविवार दोपहर से लापता है। फोन भी स्विच ऑफ है। ग्रामीणों की मानें तो रविवार दोपहर 4-5 लोग गाड़ी से आए थे और मूर्ति उठाकर ले गए। उन्होंने मंदिर के गेट पर ताला भी लगा दिया।

इससे पहले राजस्व विभाग की टीम ने पैमाइश की थी। बारिश होने पर टीम वापस लौट गई। मूर्ति किसके कहने पर हटाई गई है और उसे कौन ले गया है। इसकी जानकारी अभी नहीं मिली है। हालांकि, ग्रामीणों का कहना है कि जिला प्रशासन ने मूर्ति हटवाई है, लेकिन अभी इसकी पुष्टि नहीं हुई है।




वहीं एक दिन पहले मंदिर बनवाने वाले प्रभाकर मौर्य के चाचा रामनाथ मौर्य ने मामले की शिकायत सीएम पोर्टल पर की थी। रामनाथ ने बताया, “जिस जमीन पर योगी जी का मंदिर बना है वह बंजर जमीन है। इस जमीन पर दशकों से उनके पुरखों का कब्जा है। जमीन पर जो पेड़ लगे थे उसे प्रभाकर ने बेच दिया और मंदिर बनाकर जमीन पर कब्जा कर लिया।”

ये मृर्ति मंदिर के अंदर स्थापित की गई थी, जो अब गायब बताई जा रही है।
ये मृर्ति मंदिर के अंदर स्थापित की गई थी, जो अब गायब बताई जा रही है।

ग्रामीण बोले- जिला प्रशासन ने हटवाई मूर्ति
ग्रामीणों ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि प्रशासन ने मंदिर से मूर्ति हटाई है। प्रशासन की टीम दोपहर 11 बजे के आस-पास गांव पहुंची थी। बारिश शुरू हो गई तो टीम लौट गई। इसके बाद पुलिस और अधिकारी गाड़ी से पहुंचे। मूर्ति को गाड़ी में रखा और मंदिर में ताला लगाकर चले गए।




मंदिर के गेट पर ताला लगा हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि मूर्ति हटाने के बाद ताला लगा दिया गया है।
मंदिर के गेट पर ताला लगा हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि मूर्ति हटाने के बाद ताला लगा दिया गया है।

आचार्य नरेंद्र देव कृषि विश्वविद्यालय की निकली जमीन
प्रभाकर मौर्य के चाचा राम नाथ मौर्य ने जमीन कब्जा कर मंदिर बनवाने का आरोप लगाया था। उन्होंने सीएम योगी से भी मामले की शिकायत की थी। इसके बाद जिला प्रशासन ने एसडीएम सोहावल को मामले की जांच सौंपी थी।

एसडीएम सोहावल मनोज कुमार श्रीवास्तव ने कानूनगो को पूरे मामले की जांच के आदेश दिया था। रविवार को कानूनगो दयाराम वर्मा और लेखपाल सूर्यभान पाठक, दिनेश चौरसिया की टीम मौके पर जांच किया। जांच में यह जमीन आचार्य नरेंद्र देव कृषि विश्वविद्यालय की निकली है।




भरतकुंड के पास मौर्य का पुरवा गांव में योगी समर्थक की ओर से बनाया गया CM योगी का मंदिर।
भरतकुंड के पास मौर्य का पुरवा गांव में योगी समर्थक की ओर से बनाया गया CM योगी का मंदिर।

सीओ बोले- मूर्ति स्थापित है, किसी ने नहीं हटाया
सीओ राजेश तिवारी ने बताया कि मूर्ति मंदिर में स्थापित है, उसे नहीं हटाया गया है। सोशल मीडिया पर चल रही खबर झूठी है। राजस्व टीम मौके पर पैमाइश के लिए गई थी, लेकिन बारिश शुरू हो गई तो टीम वापस आ गई। उन्होंने बताया कि प्रभाकर का मोबाइल नंबर बंद आ रहा है और वह गांव में भी नहीं मिला है। उसकी तलाश की जा रही है।




मंदिर में योगी की आरती उतारते प्रभाकर मौर्य।- फाइल फोटो।
मंदिर में योगी की आरती उतारते प्रभाकर मौर्य।- फाइल फोटो।

राम अवतार में बनाई गई है योगी की मूर्ति
थाना पूराकलंदर क्षेत्र स्थित मौर्य का पुरवा में भरतकुंड के पास मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का मंदिर बनाया गया है। मौर्य का पुरवा गांव के निवासी प्रभाकर मौर्य (32) ने 8.56 लाख रुपए की लागत से यह बनवाया है। इसमें योगी को राम के अवतार में दिखाया गया है। मूर्ति के हाथ में धनुष और तीर भी थमाया गया है। मूर्ति 5 फीट ऊंची और 4 इंच चौड़ी है। यहां रोज सुबह-शाम पूजा-आरती भी होती है।




ये फोटो साल 2018 की है। प्रभाकर मौर्य ने CM योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की थी। CM योगी ने उन्हें सम्मानित किया था।
ये फोटो साल 2018 की है। प्रभाकर मौर्य ने CM योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की थी। CM योगी ने उन्हें सम्मानित किया था।

राम मंदिर निर्माण शुरू होने के बाद योगी का बनाया मंदिर
प्रभाकर मौर्य ने भास्कर से बातचीत में कहा था, ‘मैंने 2015 में संकल्प लिया था कि जो अयोध्या में राम मंदिर बनवाएगा, उसका मंदिर बनाकर रोज उसकी पूजा करूंगा। इसलिए 2016 में मैंने एक भजन गाया था, रामलला का अयोध्या में मंदिर बनाएंगे… इसके बाद सुप्रीम कोर्ट का राम मंदिर के निर्माण को लेकर फैसला आया। अब अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण हो रहा है। संकल्प पूरा होने पर मैंने योगी का मंदिर बनवाया है।’




पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने योगी का मंदिर बनने पर तंज कसा था।
पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने योगी का मंदिर बनने पर तंज कसा था।

यूट्यूब चैनल के पैसे से मंदिर का कराया निर्माण
प्रभाकर के मुताबिक, उनके यूट्यूब चैनल पर 1 लाख 52 हजार फॉलोअर्स हैं। इस पर 500 वीडियो अपलोड हो चुके हैं। चैनल से होने वाली कमाई से ही मंदिर का निर्माण किया गया है। खेत में बनाए गए इस मंदिर पर अब तक 8 लाख 56 हजार रुपए खर्च किए जा चुके हैं।

उन्होंने बताया था कि मंदिर के निर्माण के समय गांव के कुछ लोगों ने विरोध किया था, लेकिन पिता जगन्नाथ मौर्य का उनको पूरा समर्थन मिला। प्रभाकर मौर्य चार भाइयों में तीसरे हैं। उनकी दो बहनें हैं। पिता खेती करते हैं।




ये फोटो सुमित की है। उनका दावा है कि मूर्ति उन्होंने बनाई है।
ये फोटो सुमित की है। उनका दावा है कि मूर्ति उन्होंने बनाई है।

जयपुर नहीं, बाराबंकी में बनाई गई योगी की मूर्ति
मंदिर बनवाने वाले प्रभाकर ने जयपुर से ऑर्डर देकर मूर्ति बनवाने के बारे में बताया था। जबकि बाराबंकी के सुमित ने मूर्ति बनाने का दावा किया है। उनका कहना है कि 22000 रुपए में उन्होंने मूर्ति तैयार की है। 10 हजार रुपए मेहनताना अब भी बाकी है।

28 अप्रैल को मूर्ति बनाने का काम शुरू किया था। मिट्टी और पीओपी से बनाने के बाद फाइबर से ढालकर तकरीबन दो माह में मूर्ति तैयार कर दी। उन्होंने बताया कि प्रभाकर ने योगी से मुलाकात कराने का वादा किया था, वो भी पूरा नहीं किया।




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