सिर्फ एक घर मुस्लिम होने के बावजूद भी अजीमुद्दीन खाँ बने प्रधान

भेलसर(अयोध्या) ग्रामीणों ने साम्प्रदायिक सौहार्द की पेश की मिसाल, त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में कुछ उम्मीदवार जीत हासिल करने के लिये मतदाताओं को रिझाने के लिये जात पात मजहब के नाम पर वोट मांग रहे थे तो कई उम्मीदवार पैसा दारू आदि के जरिये वोटरों को लुभाने के प्रयास के साथ ही जमीन का पट्टा दिलाने,पेंशन बनवाने व आवास मुहैया कराने जैसे बड़े बड़े वादे कर रहे थे।




किन्तु मवई ब्लाक की ग्राम पंचायत रजनपुर जो कि सिर्फ एक घर मुस्लिम सम्प्रदाय का है बाकी सभी मतदाता हिन्दू सम्प्रदाय से हैं।प्रधान पद के लिये आठ प्रत्याशी चुनाव मैदान में थे।उनमें से एक मात्र हाफिज अजीमुद्दीन खाँ चुनाव लड़ रहे थे।सभी प्रत्याशी अपनी जीत का दावा कर रहे थे किन्तु गांव की जनता किसी प्रलोभन या जात पात के हथकण्डे को नकारते हुए प्रत्याशी का व्यवहार कर्मठता तथा ईमानदारी को पैमाना मानते हुए अजीमुद्दीन खां को अपने ग्राम पंचायत का प्रधान चुनकर गांव में साम्प्रदायिक सौहार्द की एक अनोखी मिसाल कायम की जिसकी पूरे इलाके में चर्चा हो रही।