UP News: विवाद के बाद प्रशासन ने अयोध्या के योगी मंदिर से हटवाई सीएम की प्रतिमा, जानें पूरा मामला

Ayodhya News: अयोध्या (Ayodhya) के कल्याण भदरसा गांव (Kalyan Bhadarsa Village) में बने योगी मंदिर (Yogi Temple) से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) की प्रतिमा को हटा लिया गया है. जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई कर सीएम योगी की प्रतिमा को मंदिर से हटाया दिया है. बता दें कि योगी मंदिर का निर्माण स्थानीय निवासी व अपने को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का प्रचारक बताने वाले प्रभाकर मौर्या ने कराया था.





सरकारी जमीन पर बना हुआ है मंदिर

बता दें कि जिस जमीन पर यह मंदिर बना है वह सरकारी जमीन है. स्थानीय लोग कई बार इस मुद्दे को लेकर आवाज उठा चुके हैं कि प्रभाकर मौर्या का इरादा सरकारी जमीन पर मंदिर बनाकर इस जमीन को कब्जाने का है. हालांकि मंदिर बनवाने के समर्थक लोगों का कहना है कि इस गांव में पचासों बीघा सरकारी जमीन को लोगों ने कब्जा रखा है, लेकिन हम अच्छा काम कर रहे हैं तो लोग इस पर उंगली उठा रहे हैं.

चाचा ने लगाया सरकारी जमीन हड़पने का आरोप

इससे पहले मौर्या सरकारी जमीन पर दुर्गा मंदिर और शनि मंदिर भी बनवा चुके हैं. तीनों मंदिर एक-दूसरे से लगभग 10-10 मीटर की दूरी पर हैं. प्रभाकर मौर्या के चाचा रामनाथ मौर्या का कहना है कि जिस जमीन पर योगी मंदिर बना है वह बंजर जमीन है. उनका कहना है कि इस जमीन पर दशकों से उनके पुरखों का कब्जा है. उन्होंने कहा कि इस जमीन पर जो पेड़ लगे थे उसे प्रभाकर ने बेच दिया और मंदिर बनाकर जमीन कब्जा ली.

मौके पर योगी आदित्यनाथ का मंदिर तो है, लेकिन उस पर बड़ा ताला बंद है। दरवाजे के पीछे पर्दा लगा है। साथ ही दरवाजे की कुंडी भी टेढ़ी है। दरवाजे के बीच बने सुराख से देखने पर अंदर ना तो मूर्ति नजर आ रही और न ही मूर्ति के ऊपर लगा चांदी का छत्र ही मौजूद है। गौरतलब है कि सीएम योगी की मूर्ति पर चांदी का छत्र मेरठ के एक व्यापारी ने लगवाया था।




स्थानीय लोगों का कहना है कि 25 सितंबर की दोपहर पीएसी के साथ भारी संख्या में यहां पुलिस आई थी, जो मंदिर से मूर्ति निकालकर कपड़े में लपेटकर अपने साथ ले गई। यह भी आरोप है कि किसी भी ग्रामीण को पुलिस ने मंदिर के पास नहीं आने दिया, जिसके चलते वहां किसी की मौजूदगी नहीं थी। इस पूरे मामले की शिकायत करने वाले प्रभाकर मौर्या के चाचा रामनाथ मौर्या कहते हैं, पुलिस और पीएसी आई थी। वही लोग मूर्ति लेकर चले गये। यह उनकी शिकायत करने के बाद ही हुआ है।

वहीं गांव में प्रभाकर मौर्या के दोस्त अमरजीत ने दावा किया है, पुलिस वाले बहुत थे, उन लोगों ने ताला तोड़ दिया। उसके बाद कुंडी तोड़कर मूर्ति लेकर चले गये। मूर्ति के उपर छत्र था उसे भी ले गये। इसके साथ ही जो अब तक चढ़ावा चढ़ा था उसे भी पुलिसवाले ही उठा ले गये। पुलिस की संख्या अधिक थी। हम लोगों ने गेट से निकलने की कोशिश की, लेकिन जाने नहीं दिया गया। इस पूरे मामले में अयोध्या जिला प्रशासन के अधिकारी कुछ भी बोलने से बच रहे हैं।




बताते चलें कि मौर्या का पुरवा गांव के निवासी 32 वर्षीय प्रभाकर मौर्य पेशे से यूट्यूबर है, उसने 8.56 लाख रुपए की लागत से यह मंदिर बनवाया था। इसमें योगी को राम के अवतार में दिखाया गया था। मूर्ति के हाथ में धनुष और तीर भी थमाया गया था। यहां रोज सुबह शाम पूजा.आरती भी होती थी। यूट्यूबर प्रभाकर मौर्या योगी के समर्थन में अब तक 500 से ज्यादा गाने गा चुके हैं। मंदिर में स्थापित मूर्ति राजस्थान से विशेष ऑर्डर देकर बनवाई गई है। जिसकी कीमत 49 हजार रुपये बताई गई थी।

मीडिया को दिये बयान में प्रभारी निरीक्षक पूराकलंदर राजेश सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मूर्ति कौन और कहां ले गया, इसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं है। संभावना है कि प्रभाकर ही अपने साथ मूर्ति ले गया हो, क्योंकि अब तक उसका कोई पता नहीं चल रहा है। उसका मोबाइल भी स्विच आफ बता रहा है। प्रभाकर का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।



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