अयोध्या, आजमगढ़ और मेरठ : स्ट्रीट वेंडरों को ऋण देने में लापरवाही पड़ी भारी, तीन परियोजना अधिकारी नपे

प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि) योजना के क्रियान्वयन ने लापरवाही बरतने पर निदेशक सूडा उमेश प्रताप सिंह ने तीन परियोजना अधिकारियों (पीओ) को उनके पद से हटा दिया है। जिन परियोजना अधिकारियों को हटाया गया है, उनमें अयोध्या के पीओ यामिनी पटेल, आजमगढ़ के अरविंद कुमार पांडेय और मेरठ के पीओ आशीष सिंह शामिल हैं। साथ ही निदेशक ने तीनों परियोजना अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति समाप्त करते हुए उनके मूल विभाग में वापस कर दिया है।

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निदेशक सूडा के साथ ही पीएम स्वनिधि योजना के  राज्य परियोजना निदेशक उमेश प्रमाप सिंह ने परियोजना अधिकारियों को निर्देश दिया है कि पीएम स्वनिधि योजना में लक्ष्य के मुताबिक काम न करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि कोरोना की वजह से हुए नुकसान की भरपाई के लिए केन्द्र सरकार की ओर से फुटपाथ बिक्रेताओं को फिर से अपना कारोबार शुरू करने के लिए पीएम स्वनिधि योजना शुरू की गई है।
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इसके तहत सभी स्ट्रीट वेंडरों को सस्ते ब्याज दर पर 10 हजार रुपये का ऋण देने की व्यवस्था है। प्रदेश में लगभग 9 लाख 55 हजार स्ट्रीट वेंडरों की सूची तैयार की गई है। इसमें से अब तक 9 लाख 47 हजार 870 स्ट्रीट वेंडरों ने योजना के तहत ऋण लेने के लिए आवेदन किया है। निदेशक ने बताया कि अब तक  6 लाख 30 हजार 473 वेंडरों के ऋण मंजूर हो चुके हैं और उनमें से 5 लाख 68 हजार 629 वेंडरों को तो ऋण उपलब्ध भी करा दिया गया है।




निदेशक ने बताया कि सरकार की मंशा के मुताबिक एक-एक स्ट्रीट वेंडर को ऋण का लाभ दिया जाना है। इसके मद्देनजर लगातार योजना के क्रियान्वयन की समीक्षा की जा रही है। उन्होंने बताया कि समीक्षा के दौरान तीन जिलों अयोध्या, आजमगढ़ और मेरठ में ऋण केलिए मिले आवेदन के निस्तारण की स्थिति काफी खराब पाई गई है। इस आधार पर तीनों जिलों के परियोजना अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।